शिक्षक के शिक्षण कौशल एवं अधिगम प्रक्रिया पर TLM के प्रभाव का अध्ययन
डॉ. पूजा दुबे
सहायक प्राध्यापक
संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय, अम्बिकापुर, सरगुजा, (छ.ग.)
ईमेल आईडी- poojadubey22289@gmail.com
मो नं. – 7879999431
पता:- राजमोहिनी वार्ड-12, नमनाकला,
सारांश:-
प्रस्तुत शोध अध्ययन में शिक्षण के शिक्षण कौशल एवं शिक्षण अधिगम प्रक्रिया पर टी.एल.एम के प्रभाव को देखा गया है जिसके अंतर्गत टी.एल.एम. एक ऐसा साधन है जिसके प्रयोग से शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावशाली बनाता है तथा अपना सौंदर्यीकरण करता है शिक्षक वह प्रकाश पुंज हैं जो अंधेरी खाई को प्रकाशवान कर देता है इसके लिए शिक्षक में विशेष गुणों की आवश्यकता होती हैं ।शिक्षक को कक्षा कक्ष में विभिन्न परिस्थितियों का सामना करना हैं। जिसके लिए शिक्षक शिक्षण विधि, शिक्षण कौशल, शिक्षण सूत्र, शिक्षक सिद्धांत आदि की सहायता से अपने संवर्धन का कार्य करता हैं। प्रस्तुत अध्ययन में अंबिकापुर शहर के कुल 30 प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को न्यायदर्श के रूप में रखकर अध्ययन किया गया। टी.एल.एम के प्रयोग से शिक्षक को सृजनात्मकता का गुण विकसित होता है जिससे शिक्षक होस अपशिष्ट प्रबंधन की मदद से यह बता सकता है कि व्यर्थ कुछ भी नहीं है समस्त सामग्री या वस्तु को सृजनात्मक गुणों के द्वारा पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है।
शब्द कुंजी:- टी.एल.एम., न्यायदर्ष, सृजनात्मकता, कौषल।
DOI link – https://doi.org/10.69758/GIMRJ/2601I01VXIVP0008
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