Paper No. | Title | Author | __Page_No._ |
1 | भारतातील शहरीकरण व त्यांचे दुष्परिणाम लेखक | डॉ. आनंद के.भोयर | 1 – 5 |
2 | चौदावा वित्त आयोग व केंद्र राज्य शासन | डॉ. बैजु प्रकाश सोमलकर | 6 – 9 |
3 | ग्राहक संरक्षण कायदा 1986 मधील अडचणी व उपाययोजना | डॉ. प्रशांत म. पुराणीक | 10 – 15 |
4 | संत साहित्यातील सामाजिकता | प्रा.डॉ.मीनाक्षी दरणे | 16 – 20 |
5 | Food Processing Industry in India : Growth, Problems and Remedies | Prof. S.M. Kolhapure | 21 – 29 |
6 | योगिराज वाघमारे यांच्या कादंबर्यामधून प्रकट झालेली दलित वेदना | डॉ.रामलीला सुदामराव पवार | 30 – 34 |
7 | विपणनाचे बदलते स्वरूप व रोजगाराच्या संधी | प्रा. राजेश सुधाकर डोंगरे | 35 – 38 |
8 | 1935 च्या कायद्याबाबत ब्रिटिशांचा व भारतीयांचा दृष्टीकोन – एक चिकित्सक अभ्यास | प्रा. संजय उत्तमराव उगेमुगे | 39 – 43 |
9 | आद्य समाज क्रांतिकारक श्री गोविंदप्रभू | प्रा. डॉ. सौ. वीरा मांडवकर | 44 – 49 |
10 | युवाओं को भटकाता मादक द्रव्यो का दुरुपयोग | डॉ.मकरन्द जायसवाल | 50 – 54 |
11 | राष्ट्रवादी डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर | प्रा.डॉ.रवींद्र मुरमाडे | 55 – 57 |
12 | अंबाजोगाई तालुक्यातील लिंग गुणोत्तर प्रमाणाचा अभ्यास | प्रा.शीतल नरसिंग पुरी | 58 – 61 |
13 | Parents Responses about Juvenile Delinquency of School Going Teenagers | Santanu Biswas | 62 – 65 |
14 | Issues impacting Indian social work students | Mr.Raju V.Kasare | 66 – 77 |
15 | Idea and Aspects of Women Empowerment | Mr.Raju V.Kasare | 78 – 93 |
16 | झाडीपट्टीची लोकरंगभूमी: दंडार | प्रा. योगीनाथ झां. नगराळे | 94 – 97 |