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| | INDEX – Paper No.1 to Paper No.55 | | |
| | INDEX – Paper No. 56 to Paper No.112 | | |
| P001 | Reclaiming Agency: Indian Women’s Sexuality and Reproductive Health through Indian Knowledge Systems and Contemporary Policy | Dr. Aarti S. Pawar | 1 to 5 |
| P002 | धनगर समाजातील स्त्रियांचे बदलते स्थान व उपजीविका | कु. आभा आसाराम सिंगनजुडे & डॉ. सुरेंद्र धनसिंग पवार | 6 to 10 |
| P003 | Whose Knowledge Matters? Caste, Gender, Power, and the Politics of Indian Knowledge Systems in Contemporary Discourse | Abhijeet Muneshwar Vaidye | 11 to 15 |
| P004 | Changing Food Culture in India: From Prestigious Staples to the Revival of Millets through Indian Knowledge Systems | Ms. Aditi Meshram | 16 to 19 |
| P005 | भारतीय ज्ञानप्रणाली (IKS) आणि आधुनिक समाजकार्य: समाजशास्त्रीय दृष्टिकोनातून पद्धतशास्त्रीय विश्लेषण | डॉ. अजय के. मेश्राम | 20 to 24 |
| P006 | Indian Knowledge Systems and Identity Crisis in Contemporary Society: A Study of Selected Works of Jhumpa Lahiri | Akanksha Nandagawali & Dr. Shubhashree Mukherjee | 25 to 27 |
| P007 | Buddhist Counter Traditions to Modern Emancipatory Thoughts | Mr. Akash Sanjay Khobragade | 28 to 32 |
| P008 | Indian knowledge transition and the status of women in ancient India | Ms.Amita P.Jaipurkara & Dr. Nandkishor Bhagat | 33 to 36 |
| P009 | भारतीय शिक्षणप्रणाली व कोविड -१९ वर झालेला परिणाम | प्रा.अमिता कृ.महातळे | 37 to 42 |
| P010 | राष्ट्रीय विकासासाठी भारतीय ज्ञान परंपरांचा आधुनिक विज्ञानासह समन्वय | Shri Amol Singh Rotele | 43 to 48 |
| P011 | भारतीय ज्ञान परंपरा आणि गावगाड्यातील बलुतेदारी व्यवस्था | आम्रपाली कांबळे | 49 to 59 |
| P012 | भारतीय संस्कृतीत भारतीय ज्ञान परंपरेचे महत्व | प्रा. अनिल गावंडे | 60 to 63 |
| P013 | भारतीय ज्ञान परंपरा, संपत्तीचा हक्क आणि स्त्रियांचे सक्षमीकरण | कु.अनिता पुरुषोत्तम गणोरकर & प्रा.डॉ. धनंजय सोनटक्के | 64 to 68 |
| P014 | Decolonizing Knowledge: The Historical, Social, and Cultural Political Economy of Indian Knowledge Systems | Dr.Anita Sarve | 69 to 73 |
| P015 | भारतीय संस्कृतीत बौध्द ज्ञान परंपरांचे महत्त्व | अंजूषा रामटेके | 74 to 78 |
| P016 | भारतीय आश्रम व्यवस्था: जागतिक कुटुंबसंस्थेसाठी मार्गदर्शक | डॉ. अर्चना खंडागळे | 79 to 83 |
| P017 | भारतीय ज्ञान परंपरा आणि नाभिक समाज | -सौ. अर्चना किशोर येऊलकर | 84 to 88 |
| P018 | भारतीय ज्ञानपरंपरा आणि समकालीन समाज : बदलती स्थिती, समस्या व उपाय | प्रा. आशिष आर. बोरकर | 89 to 92 |
| P019 | बौद्ध तत्वज्ञानाची वर्तमान सामाजिक समस्यांच्या निराकरणात उपयुक्ततता आणि संयुक्तीक्ता: समाज-तत्त्वज्ञानात्मक विश्लेषण | डॉ. बाबा प. शंभरकर | 93 to 99 |
| P020 | आधुनिक शिक्षणात आणि गोंड आदिवासी मुलींचे पारंपरिक ज्ञान: एक समन्वयाचा अभ्यास | भारती मोहनराव वाहने | 100 to 101 |
| P021 | पारंपारिक आरोग्य सेवा देणाऱ्या व्यक्तीचा आणि ही आरोग्य सेवा घेणाऱ्या रूग्णांवर व त्या अनुषंगाने समाजावर होणारा परिणाम एक समाजशास्त्रीय अध्ययन | भुपेश कनोजिया & डॉ. प्रमिला हरिदास भुजाडे | 102 to 105 |
| P022 | VULNERABILITY IN SOCIETY: THE INDIAN SOCIAL PERSPECTIVE | Prof. Dr. Chandrashekhar S. Malviya | 106 to 109 |
| P023 | भारतीय ज्ञान परंपरा आणि बुद्ध तत्त्वज्ञान | डॉ. दयानंद उत्तमराव राऊत | 110 to 112 |
| P024 | भारतीय ज्ञान प्रणालीद्वारे औद्योगिकीकरणाचा ग्रामीण समुदायावर झालेल्या परिवर्तनाचे समाजशास्त्रीय अध्ययन | देवानंद एन. कांबले & प्रोफेसर डॉ. किशोर यु. राऊत | 113 to 116 |
| P025 | भारतीय ज्ञान प्रणालियाँ और सामाजिक कार्य: शिक्षा एवं व्यवहार में समावेशन की चुनौतियाँ | डॉ.दिपक उईके | 117 to 121 |
| P026 | भारतीय ज्ञान आणि समकालीन समाजः बदलती परिस्थिती, समस्या आणि उपाय | श्री. गणेश दौलत भोये | 122 to 126 |
| P027 | मनोरुग्णांचे पुनर्वसन आणि उपचारात्मक समाजकार्य व समुपदेशकाची भूमिका | श्री गणेश हरी पवार | 127 to 131 |
| P028 | भारतीय ज्ञान प्रणालीचे स्त्रोत, आधार व महत्त्व | सौ. जयश्री अरुण चवरे | 132 to 133 |
| P029 | Indian Knowledge Systems and Behavioural Challenges in Children and Adolescents: Traditional Insights for Contemporary Mental Health | Mrs. Jyoita Roy & Dr. Pranjali Kane | 134 to 137 |
| P030 | A Study of the Challenges in Integration of IKS in Current Indian Education System | Kalpana S. Mukunde | 138 to 141 |
| P031 | Indian Knowledge and Women’s Empowerment | Dr. Kamalkishor B. Ingole | 142 to 149 |
| P032 | गोंदिया जिल्ह्यातील ढीवर समाजाचा परंपरागत व्यवसाय, व्यवसायिक ज्ञान आणि व्यवसायात आलेले परिवर्तन | कौस्तुभ म. चुटे | 150 to 153 |
| P033 | दूरदर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा का सामान्य लोगो पर प्रभाव का अध्ययन | Dr. Krishna P. Meshram | 154 to 157 |
| P034 | कैद्यांच्या सुधारणा संदर्भातील सम्राट अशोकांचे धोरण | श्री लक्ष्मण नबाजी साळवे | 158 to 163 |
| P035 | समाजकार्यात भारतीय ज्ञान प्रणालीचे महत्त्व | डॉ. लक्ष्मीकांत बी. चोपकर | 164 to 169 |
| P036 | भारतीय ज्ञान परंपरा और दलित मुक्ति का वैचारिक संघर्ष | Dr.Lokesh B. Nandeshwar | 170 to 173 |
| P037 | Indian Knowledge Systems and Contemporary Challenges: An Integrative Ethical Framework for Sustainable Development | Dr. Madhukar Janrao Nikam | 174 to 178 |
| P038 | भारतीय ज्ञान परंपरेत मातंग दाईणीचे स्थान व सध्या स्थिती | डॉ. माधुरी ब. चौधरी | 179 to 184 |
| P039 | बौद्ध ज्ञानमिमांसा पद्धती आणि त्याची प्रासंगिकता | आचार्य महानागरत्न & प्रो. डॉ. मोहन वानखडे | 185 to 190 |
| P040 | Traditional Caste Craftsmanship and its present condition | Mayuri Ramteke | 191 to 195 |
| P041 | भारतीय ज्ञान आणि दलित मुक्ती | प्रा. मेघश्याम नामदेव ढाकरे | 196 to 201 |
| P042 | GENDER JUSTICE AND SEXUAL HARASSMENT LAW IN THE WORKPLACE: A STUDY OF THE POSH ACT, 2013 | Dr. Meghavee G. Meshram | 202 to 206 |
| P043 | पारंपारिक भारतीय ज्ञान प्रणालीमध्ये महिलांचा दर्जा व भूमिका | मिलिंदकुमार खेळकर | 207 to 212 |
| P044 | भारतीय ज्ञान परंपरेतील इतिहास, समाज, राज्य, अर्थव्यवस्था आणि संस्कृती | डॉ. मोनाली यशवंत बहादुरे | 213 to 217 |
| P045 | भारतीय ज्ञान प्रणाली आणि महिला सक्षमीकरण परंपरा ,परिवर्तन आणि आधुनिक संदर्भ | सौ नम्रता भुरे | 218 to 223 |
| P046 | The Charmakar Community and the Indian Cultural Knowledge Tradition: A Study of Struggle and Transformation | Narendra Jagnik & Dr. Ajaykumar Mohabanshi | 224 to 229 |
| P047 | Indian Knowledge Tradition in Indian Culture and Current Scenario | Dr. Naresh Shalikram Kolte | 230 to 236 |
| P048 | A CRITICAL ANALYSIS OF THE RIGHTS OF SENIOR CITIZENS UNDER PERSONAL AND CIVIL LAWS | Dr. Naresh W. Patil | 237 to 242 |
| P049 | भारतीय ज्ञान परंपरेत तृतीय पंथीय समुदायाची स्थिती आणि वर्तमान | नीर्मला डोमाजी बागडे | 243 to 249 |
| P050 | PROSTITUTION IN INDIAN SOCIETY | Dr. PAYAL CHAMATKAR | 250 to 253 |
| P051 | सत्यशोधक चळवळ: काल आणि आज | प्रदीप गणपतराव शेंडे | 254 to 260 |
| P052 | भारतीय ज्ञान आणि महिला सक्षमीकरण | प्रज्ञा परिजन दुधे | 261 to 267 |
| P053 | भारतीय समाजव्यवस्था (प्राचिन आणि आधुनिक) आणि संविधान | प्रकाश मोतीराम मेश्राम & प्रा. डॉ. अशोक ता. बोरकर | 268 to 274 |
| P054 | भारतीय समाजप्रबोधनाचा नजिकच्या भूतकाळातील प्रभावी प्रकार ‘खडीगंमत’ | प्रकाश नामदेवराव वाहणे | 275 to 279 |
| P055 | भारतीय ज्ञान आणि बदलत चाललेला समाज: बदलती परिस्थिती, समस्या आणि उपाय | प्रा. प्रमिला मोहिते (हजारे) | 280 to 282 |
| P056 | भारतीय शिक्षण पद्धतीमध्ये (प्रारंभिक ते उच्च शिक्षणापर्यंत) भारतीय ज्ञान प्रणालीची भूमिका | प्रा. प्रमोद चंद्रभान शेंडे | 283 to 287 |
| P057 | भारतीय ज्ञानप्रणालीचे स्त्रोत, आधार आणि महत्व | Dhere Pranjalee Pramod | 288 to 295 |
| P058 | भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में सामुदायिक विकास | डॉ. प्रशांत एन. शंभरकर | 296 to 299 |
| P059 | Reclaiming Indian Knowledge Systems in English Language Teaching: An Inclusive Pedagogical Approach for Rural and Tribal Learners | Dr. Preeti Chandrashekhar Dave | 300 to 304 |
| P060 | The Evolution of Social Harmony: A Historical Analysis of Transgender Experiences with Special Reference to the Mughal Era | Premlata Kawadu Burange | 305 to 309 |
| P061 | ज्ञानशास्त्रीय वसाहतीकरण की वैचारिक बदल? नागरी सेवा परीक्षेत भारतीय ज्ञान प्रणालीचे (IKS) समाजशास्त्रीय विश्लेषण | प्रितेश नीलकंठ मेडपल्लीवार | 310 to 315 |
| P062 | भारतीय ज्ञानव्यवस्था आणि सुबक वृध्दत्व | Dr. Priyanka Ambade-Ukey | 316 to 321 |
| P063 | भारतीय सामाजिक संरचना में चातुर्वर्ण्य व्यवस्था एवं पितृसत्तात्मक मूल्यों के संदर्भ में महिलाओं की अधीन स्थिति पर संवैधानिक हस्तक्षेपों का विश्लेषणात्मक अध्ययन | प्रियंका सिंह & डॉ. अशोक बोरकर | 322 to 328 |
| P064 | भारतीय ज्ञान परंपरेतील महिला, कुटुंब आणि जात व्यवस्था | कु. पुनम सयाम | 329 to 332 |
| P065 | Synergizing Health: IKS and Modern Medicine | Dr. Rahul Laxman Jungari | 333 to 337 |
| P066 | GHOTUL: AN INDIGENOUS MODEL OF COMMUNITY-BASED EDUCATION IN CENTRAL INDIAN TRIBAL SOCIETY | Rajat Vinayak Irpate & Dr. Ashok Borkar | 338 to 344 |
| P067 | विकसित भारतासाठी भारतीय ज्ञान प्रणाली – एक चिकित्सक अध्ययन | प्रा. डॉ.राजेंद्र यादोराव खंडाईत | 345 to 350 |
| P068 | National Education Policy (NEP) 2020 and Women’s Empowerment through Indigenous Knowledge Systems | Dr. Ram Butke | 351 to 356 |
| P069 | भारतीय ज्ञान प्रणाली में दलित, आदिवासी और वंचित समुदायों की भूमिका और योगदान | डॉ. रविंद्र सहारे | 357 to 360 |
| P070 | गोंड आदिवासींच्या रूढी, परंपरा आणि आधुनिकतेशी संघर्ष | रुची अनिलराव बोरकर | 361 to 364 |
| P071 | भारतीय ज्ञान परंपरेत विदर्भातील हलबा संस्कृतीचे महत्त्व : प्राथमिक व दुय्यम माहितीवर आधारित अध्ययन | रुचिरा राधेश्याम भुरे | 365 to 366 |
| P072 | भारतीय ज्ञान प्रणाली : समृध्द वारसा | डॉ रुपेश रा कुचेवार | 367 to 370 |
| P073 | भारतीय संस्कुतीत ज्ञान परंपरेचे महत्व | प्रा. संतोष मेढेकर | 371 to 373 |
| P074 | Integrating Indigenous Knowledge Systems (IKS) in Indian higher education at the Backdrop of NEP 2020 | Dr. Shalini P. Tore | 374 to 378 |
| P075 | Revisiting Social Security in the Indian Knowledge Tradition: A Critical Analysis of Women in the Unorganized Sector | Dr. Shilpa Shripad Puranik | 379 to 384 |
| P076 | Transforming Knowledge Transfer System: Impact of Smartphone Agro-Applications on Farmers | Shirish M. Sutar & Dr. Rahul Kumar | 385 to 391 |
| P077 | Echoes of Mythology and Folklore in the Poetry of Toru Dutt | Dr. Shital Ghonmode | 392 to 396 |
| P078 | पुर्वीच्या काळातील वृध्दांची सामाजिक स्थिती आणि बदलत्या काळातील वृध्दांचा सामाजिक दर्जा | सौ. श्रध्दा राजेश रेवतकर & प्रा. डॉ. सुरेश रामरावजी सोमकुवर | 397 to 402 |
| P079 | भारतीय ज्ञान प्रणालीचे स्त्रोत, आचार आणि महत्व | प्रा. श्रीरंग दशरथ लभाने | 403 to 407 |
| P080 | विकसित भारतासाठी भारतीय ज्ञान प्रणाली | प्रा. श्रीपाद श. नायब | 408 to 411 |
| P081 | भारतीय ज्ञान प्रणालीतील विधवा आणि घटस्फोटित महिला | कु. शुभांगी सुधाकर आकोलकर | 412 to 416 |
| P082 | भारतीय संस्कृतीत भारतीय ज्ञानपरंपरेचे महत्व | प्रा. शुभांगी जुवार | 417 to 420 |
| P083 | CONSTITUTIONAL MORALITY VS. CULTURAL NATIONALISM: A CRITICAL ANALYSIS OF EDUCATION POLICIES | MR. SIDDHANT JAMBHULKAR | 421 to 427 |
| P084 | The Resonance of Tradition: Reclaiming Women’s Empowerment through the Indian Knowledge System (IKS) Vs African Indigenous Knowledge System (AIKS) | Smriti Kashyap & Prof. Dr. Subhashree Mukherjee | 428 to 432 |
| P085 | भंडारा जिल्ह्यातील गोसावी जमातीचा प्राचीन व अर्वाचीन आणि समाजव्यवस्था | स्नेहा भागवत बोरकर & डॉ अजयकुमार शंकरलाल मोहोबंशी | 433 to 437 |
| P086 | भारतीय ज्ञान परंपरेत गोंदिया जिल्ह्यातील पोवार जातीचे स्थान व त्याचे योगदान | प्रा. वैशाली प्र. चौधरी | 438 to 440 |
| P087 | महाराष्ट्रातील धनगर समाजाची सामाजिक व आर्थिक परिस्थिति | सुधीर लोडे | 441 to 442 |
| P088 | Indian Knowledge Systems and Women’s Empowerment: A Critical Inquiry into Tradition, Reform, and Social Transformation | Ms. Suhas Pradeep Kamlakar | 443 to 446 |
| P089 | भारतीय ज्ञानप्रणालीमध्ये दिव्यांग व्यक्तींबाबत दृष्टिकोन, त्यांच्या कल्याणात भारतीय संविधानाच्या तरतुदी आणि व्यावसायिक समाजकार्यकर्त्याची भूमिका | डॉ. सुहास उत्तमराव वाघमारे | 447 to 452 |
| P090 | A Review of Post-Colonial English Literature at the Backdrop of Indian Knowledge System | Dr. Sulok_Birendrasingh_Raghuwanshi | 453 to 458 |
| P091 | औष्णिक विद्युत प्रकल्पग्रस्त लोकांच्या सामाजिक व आर्थिक समस्या: कोराडी औष्णिक विद्युत प्रकल्प (नागपूर, महाराष्ट्र) – एक सामाजिक अध्ययन | सुनिता शामरावजी गद्रे | 459 to 463 |
| P092 | मुलींच्या शिक्षणासाठी गोंड जमातीत असलेले परंपरागत मूल्यांचे अध्ययन | डॉ. अशोक बोरकर & तृप्ती मार्गेश गणवीर | 464 to 468 |
| P093 | महात्मा फुले यांचे स्त्रीविषयक विचार व आजच्या काळातील स्त्री – एक विश्लेषणात्मक अभ्यास | तृप्ती सुरेंद्र रोकडे | 469 to 474 |
| P094 | भंडारा गोंदिया जिल्ह्यातील गोसावी समुदायातील स्त्रियांची निसर्गकेंद्रित जीवनशैली आंतर छेदनवादी विश्लेषण | प्रा. तुळशीदास शामराव कोसे | 475 to 479 |
| P095 | भारतीय ज्ञान परंपरेचा रात्रकालीन शाळेत कार्यरत महिला कर्मचाऱ्यांवर पडणारा प्रभाव | कु. उज्वला नरहरी धांडे & प्रा. डॉ. सुरेश रामरावजी सोमकुवर | 480 to 484 |
| P096 | भारतीय ज्ञान परंपरेत गोंदिया जिल्ह्यातील पोवार जातीचे स्थान व त्याचे योगदान | प्रा. वैशाली प्र. चौधरी | 485 to 488 |
| P097 | आदिवासींमध्ये स्त्री आरोग्याचा परंपरागत विचार व उपाययोजना आणि आधुनिक आरोग्य व्यवस्थेचा स्वीकार (गोंड जमातीच्या संदर्भात) | वैशाली केशवराव हटवार | 489 to 493 |
| P098 | भारतीय ज्ञान आणि सामाजिक परिवर्तना करिता पाली भाषेचे महत्व समस्या व उपाय | वीणा वसंतराव मानवटकर & प्रा. डॉ. रीना बावनकुळे | 494 to 499 |
| P099 | भारतीय ज्ञान परंपरेत पाली साहित्यातील सल्ल सुत्त: स्थान व महत्व | विधिशा विनय ढोके | 500 to 503 |
| P100 | किशोरवयीन मुलींवरील मासिक पाळीच्या पारंपरिक निर्बंधांचा शैक्षणिक प्रगतीवर होणारा परिणाम व समाजकार्य हस्तक्षेपाची भूमिका (विशेष संदर्भ : वर्धा जिल्ह्यातील जि. प. शाळांमधील किशोरवयीन मुली) | कु. विजया ढगे & डॉ. विनायक आर. साखरकर | 504 to 511 |
| P101 | आधुनिक कुटुंब रचनेतील भारतीय महिलांची बदलती भूमिका आणि भारतीय ज्ञान परंपरा | विलास गणेशराव सुर्यवंशी | 512 to 520 |
| P102 | समाजशास्त्र आणि भारतीय ज्ञानपरंपरा | डॉ. विनायक आर. साखरकर | 521 to 526 |
| P103 | वर्तमान जीवनशैली और योग की आवश्यकता | वृषाली दास | 527 to 530 |
| P104 | मेहतर समुदायावर भारतीय ज्ञान प्रणालीचा प्रभावः एक समाजशास्त्रीय अध्ययन | रूपाली श्रावणजी मेश्राम & डॉ. संतोष मेंढेकर | 531 to 533 |
| P105 | सामाजिक दृष्टीने कृत्रिम बुद्धिमत्तेचा वापर: प्रभाव आणि आव्हाने | Dr. Chandrashekhar N. Mohod | 534 to 537 |
| P106 | Evolution of Muslim Women’s Rights in India | Dr. Sadaf Sarfraz Sheikh | 538 to 541 |
| P107 | महात्मा बसवेश्वर यांचे जाती आणि धार्मिक कर्मकांड विषयीचे विचार | प्रा. गायत्री आर. सिरसाम | 542 to 547 |
| P108 | Karma, Rebirth and Organ Donation in Indian Knowledge Systems: A Study among College Students | Saurabh Thulkar | 548 to 558 |
| P109 | Representation of weaker sections in Indian knowledge system The view point of C. Parvathamma, the First Dalit woman sociologist in India (The Contribution of C. Parvathamma to Indian knowledge system) | Namita Premkumar Thorat & Dr. Dhananjay K. Sontakke | 559 to 562 |
| P110 | भारतातील महिला सक्षमीकरणाचे धोरण आणि महिलांची सद्यस्थिती | प्रा. सुनील बी. उईके | 563 to 568 |
| P111 | गोंड आदिवासी स्त्रियांच्या मासिक धर्मासंबंधी मान्यता आणि त्यात आलेले परिवर्तन | प्रतिक जमनादास झाडे & डॉ. प्रणाली केशव पाटील | 569 to 575 |
| P112 | भारतीय ज्ञान प्रणाली में उर्दू का योगदान: भाषा, ज्ञानमीमांसा (Epistemology) और सभ्यता की स्मृतियाँ | डॉ. मोहम्मद रिज़वान एवं डॉ. अशोक बोरकर | 576 to 584 |