संयुक्त राष्ट्र शान्ति अभियानों में भारत की विरासत : संक्षिप्त लेख
अमित कुमार
शोधार्थी
राजनीति विज्ञान विभाग
बरेली कॉलेज, बरेली।
amitk81580@gmail.com
प्रो० (डॉ०) मनमीत कौर
विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग
बरेली कॉलेज, बरेली।
manmeetbly@gmail.com
शोध सार :
यह शोध पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ के शान्ति अभियानों में भारत का योगदान व संघ के सिद्धांतों, आदर्शों एवं मूल्यों में भारत की आस्था का अध्ययन करता है। संयुक्त राष्ट्र के शान्ति अभियान, कोरिया समस्या, हिन्द-चीन की समस्या, कुवैत समस्या, कंबोडिया की समस्या के समाधान में भारत ने शान्ति पर्वक मध्यस्थता की। भारत द्वितीय विश्व स्तर पर शान्ति, सौहार्द और वसुधैव कुटुम्बकम् की नीति का अनुसरण करता है।
भारत संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य उपनिवेशीकरण, भास्वीकरण (?) और विश्व स्तर पर आतंकवाद को समाप्त करना व संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जो मानवता के मूल्यों, स्वतंत्रता, समानता और अधिकार का प्रबल समर्थक रहा है। भारत ने समय-समय पर अपनी सूझबूझ व नेतृत्व कौशल के द्वारा वैश्विक विवादों को शान्तिपूर्ण हल करने का प्रयास किया है तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के सिद्धांतों एवं उद्देश्यों को विश्व सदस्य राष्ट्रों को मानने का सुझाव दिया है।
कुंजी शब्द :
निःशस्त्रीकरण, उपनिवेशवाद, कंबोडिया समस्या, वियतनाम समस्या, लोकतांत्रिक, स्वतंत्रता, समानता।
DOI link – https://doi.org/10.69758/GIMRJ/2604S01V14P001
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