एनईपी 2020 और शिक्षक स्वायत्तताः व्यावसायिक विकास में अवसर और चुनौतियाँ
डॉ. मधु अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक, (अतिथि),
अध्यापक शिक्षा संस्थान, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, (छ.ग.)
भूमिका
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से लागू की गई है। यह नीति शिक्षकों की स्वायत्तता, व्यावसायिक विकास और शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देती है। शिक्षक स्वायत्तता का तात्पर्य है कि शिक्षकों को अपने शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम विकास, आंकलन प्रणाली और नवाचार में स्वतंत्रता दी जाए ताकि वे प्रभावी रूप से शिक्षा प्रदान कर सकें। हालांकि, इस स्वतंत्रता के साथ कई चुनौतियाँ भी आती हैं, जिन्हें समझना और समाधान खोजना आवश्यक है।
DOI link – https://doi.org/10.69758/GIMRJ/2501I02S01V13P0022
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