वर्तमान जीवनशैली और योग की आवश्यकता
वृषाली दास
संशोधक विद्यार्थी
पदव्युत्तर समाजशास्त्र विभाग
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपूर विद्यापीठ, नागपूर
सारांश
वर्तमान युग में व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक रहने की जरूरत है। क्योंकि आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली में अपने लिए समय निकालना लगभग असंभव सा लगता है। हम सुबह से शाम तक कई कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे हमारी शारीरिक और मानसिक स्थिति थकती जाती है। अगर हमें इससे छुटकारा पाना है तो इसका सबसे सरल, प्रभावी और सुरक्षित तरीका योग है। योग के जरिए हमारी मांसपेशियों को मजबूती, श्वसन और हृदय क्रियाओं में सुधार, तनाव, चिंता, अवसाद, पुरानी शारीरिक पीड़ा और नींद में लाभ मिलता है। देश में योग का अभ्यास लगभग 5000 वर्षों पुराना है। तनाव आधुनिक जीवन की तेज़ी का परिणाम है। तनाव के चलते शारीरिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक नकारात्मक प्रभाव होते हैं। अत्यधिक तनाव उच्च रक्तचाप, अल्सर, चिड़चिड़ापन, और उदासीनता जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है। योग का शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक, पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से बहुत महत्व है। विभिन्न छोटे-छोटे योगिक अभ्यास से तनाव प्रबंधन में सहायता मिलती है। नियमित योगाभ्यास से हम एक स्वस्थ शरीर प्राप्त कर सकते हैं। इस शोध में हम जीवन में योग की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
बीज शब्दः तनाव नियंत्रण, योग, तनाव के कारण, योग का महत्व।
DOI link – https://doi.org/10.69758/GIMRJ/2601S01V14P103
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