बच्चन की डायरी और उनका प्रवास
डॉ. मनोज शर्मा
पी एच डी हिंदी
दिल्ली विश्वविद्यालय
9868310402
mannufeb22@gmail।com
सारांश
हिंदी के आधुनिक काल में नयी-नयी विधाओं का सूत्रपात हुआ। डायरी विधा आधुनिक काल की प्रमुख विधा है। इसका प्रचलन छायावाद के पश्चात हुआ। दिनकर नित्य डायरी लिखते थे। डायरी एक वयक्तिक विधा है जिसमें डायरीकार के व्यक्तित्व का प्रतिबिम्ब दिखाई देता है। प्रवास की डायरी हिंदी डायरी साहित्य की प्रमुख डायरी है जिसे हरिवंश राय बच्चन ने अपने शोध कार्य के दौरान 1952-53 में प्रवास के दौरान लिखा था। बच्चन जी द्वारा लिखित डायरी का प्रकाशन 1971 में हुआ था। यह एक व्यक्तिगत डायरी है जिसमे बच्चन जी की जिंदगी के लगभग 9 महीनों का क्रिया कलाप है जिसे उन्होंने विदेश में रहकर नित्य अनुभूत किया है। इस डायरी का हिंदी साहित्य में मह्त्वपूर्ण स्थान है।
बीज शब्द- साहित्य, यथार्थ, शोध, जीवन, विविधता, स्थान, डायरी, कवि, गद्यकार
DOI link – https://doi.org/10.69758/GIMRJ/2507I7VXIIIP0004
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