आध्यात्मिकता का अवसाद पर प्रभाव: एक अध्ययन

आध्यात्मिकता का अवसाद पर प्रभाव: एक अध्ययन

शोधार्थी – प्रकाश कुमार चंद्राकर, कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई (छ. ग.), हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ. ग.), pchandrakar1234@gmail.com, 9406301867

सह-शोध निर्देशक – डॉ. सुमनलता सक्सेना, कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई (छ. ग.)
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ. ग.)

    शोध निर्देशक – डॉ. डी. लक्ष्मी (प्राध्यापक), शिक्षा संकाय, भिलाई मैत्री कॉलेज, रिसाली, भिलाई (छ. ग.), हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ. ग.), laxmi.prahlad@gmail.com, 9893370264


    सार (Abstract)

    यह शोधपत्र अवसाद पर आध्यात्मिकता के प्रभावों की पड़ताल करता है। आधुनिक जीवनशैली में अवसाद एक आम मानसिक स्वास्थ्य समस्या बन गई है, और इसके उपचार के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों की खोज की जा रही है। आध्यात्मिकता, जिसमें धार्मिक प्रथाएं, ध्यान, योग और जीवन के अर्थ की खोज शामिल है, को पारंपरिक चिकित्सा के पूरक के रूप में देखा जा रहा है। यह पत्र विभिन्न अध्ययनों और सिद्धांतों की समीक्षा करता है जो आध्यात्मिकता और मानसिक कल्याण के बीच संबंध को उजागर करते हैं, विशेष रूप से अवसाद के संदर्भ में। निष्कर्ष बताते हैं कि आध्यात्मिकता अवसाद के लक्षणों को कम करने, लचीलापन बढ़ाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    मुख्य शब्द – आध्यात्मिकता, अवसाद, मानसिक स्वास्थ्य, धार्मिकता, कल्याण

    DOI link – https://doi.org/10.69758/GIMRJ/2505I6VXIIIP0006

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